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Showing posts from December, 2013

बहरूपिया शहर में अपनी ज़िन्दगी ......

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न जाने क्या चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। जब भी कोई कदम बढ़ाया है ज़हन में एक सवाल छोड़कर उसका जवाब चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। मेरी हर चाहत को तोड़ा है इसने मेरा एक हमदर्द बनकर उसके बदले मेरे आंसू चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। जब भी मैं सोचती हूँ इसके बारे में तो दिल से यही दुआ निकली है मिल जाए इसे जो ये चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। यू न रूठो मुझसे मेरी ज़िन्दगी एक बार तो पूछो मुझसे मेरा इंसानी सफ़र  कैसे इस बहरूपिये शहर में जी रही हू मैं.... अपनी तस्वीर बनाने में जुटे है.... सब यहाँ पर जैसा जो चाहता है वैसे बनती है कहा..... ना जाने क्या चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी क्यों इस बहरूपिया शहर में बसी है मेरी ज़िन्दगी निधि ...

पहला प्यार.....और मामला गडबड....:)

जब किसी का संग अच्छा लगने लगे जब किसी का इंतज़ार घंटों होने लगे ......!! तो समझ जाओ – मामला गड़बड़ है  जब दिल बहाने बना बना करखुद को ही छलने लगे जब सांस किसी को देख, थमने लगे  किसी को देख नजरें बस उसी की होने लगे तो समझ जाओ – मामला गड़बड़ है I जब किसी की हाँ में हाँ मिलाने को दिल करने लगे किसी को बस यूँ ही देखते रहने का मन करने लगे तो समझ जाओ – भाई मामला पक्का गड़बड़ है I जब बंद आंखों में उसी का ही ख्याल चलने लगे अजनबी सा कोई दिल पर बार-बार दस्तख देने लगे। रात को बार-बार चांद देखकर मुस्कुराने का मन करें तो समझ जाओ मामला गड़बड़ है जब उस अनजान शख्स को देखने के लिए घंटों आईने के सामने चुप-चुप कर हंसने को मन करें तो गुरू मामला गड़बड़ नहीं बहुत गड़बड...है। निधि .....

मेरी पहली शुरुवात.....

मेरी पहली शुरुवात......!! मेरी अपने आप से मुलाकात "कौन हू मैं " मेरा अपने आप से सवाल .......मेरी पहली शुरुवात मेरे बचपन का हर पल बीता मेरे टूटे खिलोनो के साथ मेरी हर रात गुजरी मेरी लापता खुशियों के साथ  आज भी मेरी यादो में धुधला है, मेरी शिक्षा का  वो पहला दिन, जब मैंने अपने पापा का हाथ पकड़ा हो मेरी पहली शुरुवात .......!! उम्र के दूसरे पड़ाव में आना तो सिर्फ एक बहाना था, मुझे उन उदासी के पलों को  शायद एक बार फिर से जीना था ......!! किन- किन शब्दकोश से लाओ वो शब्द जिन ने मेरी नजरो को  बदल दिया मेरी पहली शुरुवात को .........आखरी पड़ाव पर ले लाया ......!! मेरी पहली शुरुवात .......!! मेरे शब्दों को  एक किताब की जरुरत है, मेरी इन खाली आखो में एक ख़वाब की जरुरत है. और मुझे मेरी पहली शुरुवात की ..................!! निधि..... http://nidhis120.blogspot.in