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सोशल मीडिया टाइमपास या बदलाव का मंच

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तेज़ी से बदलती दुनिया, तेज़ होते शहरीकरण और जड़ो से उखड़ते लोगो और टूटते सामाजिक ताने-बाने ने इन्टरनेट को तेज़ी से लोकप्रिय बनाया है कभी अखबार,किताबे दोस्त होती थी तो आज का दोस्त इन्टरनेट है क्यों की ये दो तरफ़ा सवाद का भी माध्यम है आज का पाठक सब कुछ तुरत चाहता है मतलब “इस्टेट और इस की भरपाई करता है इंटरनेट और उस से जुडी साइट्स “सोशल मीडिया “ आज समाज में सोशल साइट्स का अलग बोल-बाला है इन के द्वारा आज हर सूचना के जैसे पख से लग गए है आज इस माध्यम ने कही न कही हमें हमारी पुरानी यादो को वापस किया है एक अकेले इंसान का साथी बना है किसी को प्यार दिया और किसी और रुला दिया और किसी को ज़िन्दगी भर का साथी दिया जहा एक बेटी अपनी माँ को सब बताया करती थी आज इस मीडिया ने उसको भी बदल कर रख दिया उसके मन की भावनाओ को जानने के लिए फेसबुक ट्विटर देखना पड़ जाता है इस मीडिया ने हम सब की ज़िन्दगी में किसी न किसी तरह का बदलाव किया है अगर ये कह ले की सोशल मीडिया एक तरह से वर्चुअल दुनिया है इससे बनाने वाले हम है फेसबुक,ट्विटर की नज़र से एक नयी दुनिया बनी है इन सोशल साइट्स ने हमें आखे दी है नए दोस्त नयी समझ भी, यहाँ...
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एक लड़की -हिदायतों, समझौतों का प्रतिरूप होती है हँसने, बोलने, चलने मेउसकी पहचान साथ होती है... .रातें, सुनसान रास्तेसुरक्षित नही होते उसके वास्ते "प्यार" की पैनी धार परकसौटी उसकी होती है खरी उतरी तो ठीक वर्ना अनगिनत उँगलियों का शिकार होती है...... .क्यों एक लड़की की ज़िन्दगी को तराजू में रखी वस्तु के समान तोला जाता है .... .क्यों वो हर वक़्त दो राहो पर खड़ी होती है आगे बढ़े तो .... .मिशालऔर एक छोटीसी मुस्कान के लिए तो एक चर्चित कहानी बन जानती  व्हहा रे लड़की तेरी किस्मत तो अनकही बातो में ही सिमट जाती है  क्यों उसकी आवाज, रचना को हर वक़्त एक कटखरे से गुजरना पड़ता है सिर्फ "" क्यों "" ही उसकी पूरी ज़िन्दगी का एक सवाल बन जानता है  निधि ( सिर्फ एक कोशिश बदलाव की, सोच की...)  

आओ यारो आज कुछ ........

आओ यारो कुछ उल्टा करते है इन सफेदी के कागजो पर  अपनी प्रतिभा को  एक नया रंग देकर देखते है  आओ यारो कुछ उल्टा करते है.......... फूलो से  उनकी खुशबू की   हर कोई बात करता है चलो आज काटो से उनकी दर्द की बात करते है इस वक़्त को तो  हर कोई चुराना चाहता है वक़्त की इस शाख से आज  लम्हों को चुरा कर देखते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है.......... इन तूफानों की बरसात तो हर कोई देखता है चलो आज प्यार के बादल बना कर देखते है आज अपने दुश्मनों को जी कर दिखाते है इस उदासी के पेड़ में प्यार का पानी डाल कर देखते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है..... इस प्यार में चाँद तारो से बात हर कोई करता है चलो आज पूरे आसमा से बात की जाये प्यार की दास्ता को हर रोज़ अपने दोस्तों में गुनगुनाते है चलो आज उस दोस्ती का फीडबैक तो  लिया जाये आओ यारो कुछ उल्टा करते है हर किसी को याद है शीला की जवानी मुनी की बदनामी पर याद नही तो कितो की जेब गर्म है, और कितो के हाथ में तख्ती चलो आज उनको अपनी उगलियों पर याद करते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है उड़ान भरते इन कदमो को जमी पर ला द...