एक लड़की
-हिदायतों, समझौतों का प्रतिरूप होती है
हँसने, बोलने, चलने मेउसकी पहचान साथ होती है...
.रातें, सुनसान रास्तेसुरक्षित नही होते उसके वास्ते
"प्यार" की पैनी धार परकसौटी उसकी होती है
खरी उतरी तो ठीक
वर्ना अनगिनत उँगलियों का शिकार होती है......
.क्यों एक लड़की की ज़िन्दगी को
तराजू में रखी वस्तु के समान तोला जाता है ....
.क्यों वो हर वक़्त दो राहो पर खड़ी होती है आगे बढ़े तो ....
.मिशालऔर
एक छोटीसी मुस्कान के लिए तो एक चर्चित कहानी बन जानती
व्हहा रे लड़की तेरी किस्मत तो अनकही बातो में ही सिमट जाती है
क्यों उसकी आवाज, रचना को
हर वक़्त एक कटखरे से गुजरना पड़ता है
सिर्फ "" क्यों "" ही उसकी पूरी ज़िन्दगी का एक सवाल बन जानता है
निधि ( सिर्फ एक कोशिश बदलाव की, सोच की...)

nyc dear :)
ReplyDeleteशानदार!
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