आओ यारो आज कुछ ........

आओ यारो कुछ उल्टा करते है
इन सफेदी के कागजो पर  अपनी प्रतिभा को
 एक नया रंग देकर देखते है
 आओ यारो कुछ उल्टा करते है..........

फूलो से  उनकी खुशबू की   हर कोई बात करता है
चलो आज काटो से उनकी दर्द की बात करते है
इस वक़्त को तो  हर कोई चुराना चाहता है
वक़्त की इस शाख से आज  लम्हों को चुरा कर देखते है
आओ यारो कुछ उल्टा करते है..........

इन तूफानों की बरसात तो हर कोई देखता है
चलो आज प्यार के बादल बना कर देखते है
आज अपने दुश्मनों को जी कर दिखाते है
इस उदासी के पेड़ में प्यार का पानी डाल कर देखते है
आओ यारो कुछ उल्टा करते है.....

इस प्यार में चाँद तारो से बात हर कोई करता है
चलो आज पूरे आसमा से बात की जाये
प्यार की दास्ता को हर रोज़ अपने दोस्तों में गुनगुनाते है
चलो आज उस दोस्ती का फीडबैक तो  लिया जाये
आओ यारो कुछ उल्टा करते है

हर किसी को याद है शीला की जवानी मुनी की बदनामी
पर याद नही तो कितो की जेब गर्म है, और कितो के हाथ में तख्ती
चलो आज उनको अपनी उगलियों पर याद करते है
आओ यारो कुछ उल्टा करते है

उड़ान भरते इन कदमो को जमी पर ला देखते है
इस इंडियन को हिन्दुस्थानी बना कर देखते है
आओ यारो कुछ उल्टा करते है......

nidhi......













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