Posts

जो बुरा है उसे गौर से देखो..मुमकिन है कोई अच्छाई नजर आ जाए

Image
कुछ दिन पहले सफर के दौरान ऐसा कुछ देखा जिसके बाद मर्दों पर शक करना जरा सा कम कर दिया। हां अब मैं मान चुकी हूं कि स्ट्रगल करियर और प्यार में ही नहीं हर जगह है। अब यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ... उस दिन बस में भीड़ ज्यादा होने वजह से सीट नहीं मिली। जैसे-तैसे खड़ी होने को जगह मिली ही थी कि एक आदमी फोन पर जोर से चिल्लाने लगा। बात करने का तरीका..ऐसा था कि जैसे घर की महिला से तंग हो....ज्यादा देर सुन नहीं सकी तो मैंने कहा, प्लीज थोड़ा प्यार से बात कर लो और लोगों को क्यों सुना रहे हो, तब से बंदा मुझे और मैं उसे देखने में बिजी हो गए। वहीं पास की एक सीट पर बैठा एक आदमी व्हाट्सएप पर धड़ाधड़ किसी से सेटिंग करने में बिजी था। कई बार इग्नोर करने की कोशिश की लेकिन बातें कुछ ऐसी थीं कि नजर हटा नहीं सकी.. खैर जनाब अपने व्हाट्सएप पर किसी जानू नाम की गर्लफ्रेंड को लिख रहे थे, आज रात गाड़ी का इंतजाम हो गया है , चलेंगे..और आज तुम मना नहीं करोगी...जानू का रिप्लाई शर्माने वाली स्माइली के तौर आता है...काफी देर उनके बीच लंबा डिस्कशन इसी बात का चलता है कि वो अपनी रात घर से दूर कैसे बिताने वाले है। तभी रोमांस मे...

किक्रेट के शोर में हॉकी को मत भूल जाना...

Image
इंडिया मैच हार गई है। वो भी 180 रनों से। सोशल मीडिया से लेकर टीवी के सूट-बूट वाली डिबेटों तक हमारी हार को याद दिलाया जा रहा है। हम जितना मॉर्डन वर्ल्ड की तरफ बढ़ रहे हैं उतना सोचने समझने की क्षमता को कम करते जा रहे हैं। आज कल सही-गलत का फैसला फेसबुक-ट्विटर पर बहसबाजी करके लेने लगे है। फेसबुक की भाषा में बोलूं तो दिल बोले किक्रेट..और स्टेट्स बोले हॉकी हॉकी। देखकर बड़ा बुरा लगा किक्रेट की हार ने हॉकी की जीत को परास्त कर दिया। पाकिस्तान एक मैच हार कर भी हमारी जीत को चिढ़ा रहा है। हम भी वैसा ही व्यवहार कर रहे हैं जैसा पाकिस्तान चाहता है। वो हार कर भी जीत का जश्न मना रहे हैं और हम जीत कर भी हार पर आंसू बहा रहे हैं।   मैच शुरू होने से पहले दोनों देश सोशल मीडिया पर भिड़े गए। कोई टीम इंडिया को फौजी की उपाधि दे रहा तो कोई भारत को पाकिस्तान के खिलाफ हानिकारक बापू बताने की जुगत में लगा। मेरे लिए ये बड़ी अफसोस जनक बात रही कि इन सब में कही भी राष्ट्रीय खेल का जिक्र नहीं हुआ। जहां तक मुझे याद है तो हॉकी और क्रिकेट भारत को अंग्रेजी राज से विरासत में मिला है। लेकिन हम उ...
Image
                            निशब्द.... इकलौती बेटी हो तुम मेरी, इकलौती छोड़ो एक लड़की हो तुम। तुम्हारा एक कदम हजारों लड़की के लिए दरवाजे खोल और बंद कर सकता है। ऐसा उन्होंने 2013 की शाम 7 बजे जोधपुर के रेलवे स्टेशन पर कहीं। मैंने भी उनकी आंखों की ओर देखते हुए कहा विश्वास नहीं तो वापस घर चलते है। दिल्ली का सपना किसी ओर दिन पूरा कर लेगे पापा.....उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा तूने आज तक कुछ नहीं मांगा पहली बार इच्छा रखी है बाप से दूर जानें की तो कैसे पूरी ना करूं पर बेटा मुझे इस भटकाती दुनिया पर यकीन नहीं। तुम मुझसे वादा करों कुछ भी हो जाए, चाहे जैसी बात हो ( भारी मन से कहते हुए ) समझ रही हो ना क्या कह रहा हूं। इस बाप से कुछ मत छुपाना...लंबी सांस लेते हुए मुझे अपने सीने से लगाते हुए दिल्ली की ट्रेन में बैठ गए। खैर ये तो मेरी बात थी। मैं अपने इस लेख  में  ना जाने कितनी बातें कहना चाहती हूं लेकिन उतना ही कहूंगी जितना आपको हजम हो जाए। 1 अप्रैल शाम को व्हाट्सएप मैसेज आता है कि एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी नहीं र...

जाको राखे साईयाँ, मार सकेना कोई

Image
                                                              आज एक बार फिर                        वो शहर के अखबार में लिखा गया                          पर इस बार लावारिस लाश की                            शिनाख्त वाले कॉलम में....... ससांर में सभी चीजें एक दूसरे से मिल कर बनी है। अगर हम किसी को प्यार करते है तो बदले में प्यार मिलता है किसी पर गुस्सा करते है तो उसके बदले मे गुस्सा मिलता है क्योंकि संसार कि सभी चीजें एक दूसरे से मिलकर बनी हुई है जैसा देगे वैसा लेगे ये प्रकृति का नियम है जैसा कि उसने इस वादे को निभाया भी 25 अ...

"गुरू की बली”

Image
  वैसे तो किताबों में गुरू के बारे में बड़े बड़े वाक्य कहे गए है – जैसे गुरू “ ब्रहमा ” गुरू “ विष्णु ” , “ गुरू कुम्हार शिष्य कुभं ” है। अधंकार से प्रकाश की ओर गुरू ही ले जाता है वैसे ये सारी बात सत्य है लेकिन इन बातों से भारतीय राजनीति का कोई लेना देना नही है, क्योकि यहाँ गुरू की बली देने की प्रथा है इसके ताजे उदाहरण भी है ओर कुछ बासी भी जैसे जेपी आन्दोलन की बात की जाए जब लोकनायक जेपी ने आंदोलन की राग अलापी तो बहुत सारे नेता आगे आए जिनमें लालू,नीतिश,रविशकंर इन सभी ने दुनिया बदलने की शपत ली लेकिन जैसे ही इनका उल्लू सीधा हुआ यानी राजनीति चमकी ये लोग जेपी को छोड़ आगे निकल गए ओर नए उदाहरण में हमारे माननीय-समाननीय अण्ना जी का है जो भूखे बेचारे 13 दिन खुद मरे ओर केजरीवाल  मजे उठा रहे है यानी “ गुरू अपने गावँ में चेला सत्ता की छावँ में ” वही काम दुनिया की दीदी किरण बेदी सहित तमाम लोगो ने किया यानी गुरू की बली ओर एकदम ताजे उदाहरण में मोदी जी का उदाहरण लिया जा सकता है वो आडवाणी जी को मानते है ऐसा लोग कहते है और सत्य ही कहते है अगर इतिहास के पन्नें को पलटा जाए तो ऐसा लगता है कि...

आज भी कुछ बाकी है...

                              आज इन आँखो पर किसी का जोर नही था , बार बार अपने आपको समझाने में लगा हुआ था कुछ पुरानी बातों  को जीवंत अपनी आखो से देखना अपने ज़हन में उतारने की महज एक  कोशिश कर रहा था सब कुछ जानने के बाद  भी थोड़ा सा ओरों जैसा बनना चाहता था....... बात कुछ ऐसी थी   सुबह का टाइम अक्सर मेरा मेरी कॉलेज की लाब्रेरी में निकलता है बस वो ही रोज़ का काम अखबार पढना पर आज की सुबह मेरे लिए कुछ नया सन्देश लेकर आई हो ऐसा मुझे एहसास तब हुआ जब मैं काफी देर से चल रहे शोर को पीछे मुड़कर देखना शुरू किया  बस वो ही एक पल था जिसको मैंने अपने दिल की गुल्क में डाल दिया आज  अनजान से व्यक्ति ने मुझे अपनें आपको ढूढ़ने के लिए मजबूर कर दिया वो इंसान मेरे कॉलेज के एक सफाई कर्मचारी थे उनको एक काम दिया गया की लाब्रेरी की सभी अलमारियों को साफ़ करके उनमे वापस से किताबो को लगाना। उनका  काम बहुत आसान था पर खास क्या था इस में खासियत ये थी की जो इंसान कभी नही पढ़ा जिसने कभी किताबो को...

सोशल मीडिया टाइमपास या बदलाव का मंच

Image
तेज़ी से बदलती दुनिया, तेज़ होते शहरीकरण और जड़ो से उखड़ते लोगो और टूटते सामाजिक ताने-बाने ने इन्टरनेट को तेज़ी से लोकप्रिय बनाया है कभी अखबार,किताबे दोस्त होती थी तो आज का दोस्त इन्टरनेट है क्यों की ये दो तरफ़ा सवाद का भी माध्यम है आज का पाठक सब कुछ तुरत चाहता है मतलब “इस्टेट और इस की भरपाई करता है इंटरनेट और उस से जुडी साइट्स “सोशल मीडिया “ आज समाज में सोशल साइट्स का अलग बोल-बाला है इन के द्वारा आज हर सूचना के जैसे पख से लग गए है आज इस माध्यम ने कही न कही हमें हमारी पुरानी यादो को वापस किया है एक अकेले इंसान का साथी बना है किसी को प्यार दिया और किसी और रुला दिया और किसी को ज़िन्दगी भर का साथी दिया जहा एक बेटी अपनी माँ को सब बताया करती थी आज इस मीडिया ने उसको भी बदल कर रख दिया उसके मन की भावनाओ को जानने के लिए फेसबुक ट्विटर देखना पड़ जाता है इस मीडिया ने हम सब की ज़िन्दगी में किसी न किसी तरह का बदलाव किया है अगर ये कह ले की सोशल मीडिया एक तरह से वर्चुअल दुनिया है इससे बनाने वाले हम है फेसबुक,ट्विटर की नज़र से एक नयी दुनिया बनी है इन सोशल साइट्स ने हमें आखे दी है नए दोस्त नयी समझ भी, यहाँ...
Image
एक लड़की -हिदायतों, समझौतों का प्रतिरूप होती है हँसने, बोलने, चलने मेउसकी पहचान साथ होती है... .रातें, सुनसान रास्तेसुरक्षित नही होते उसके वास्ते "प्यार" की पैनी धार परकसौटी उसकी होती है खरी उतरी तो ठीक वर्ना अनगिनत उँगलियों का शिकार होती है...... .क्यों एक लड़की की ज़िन्दगी को तराजू में रखी वस्तु के समान तोला जाता है .... .क्यों वो हर वक़्त दो राहो पर खड़ी होती है आगे बढ़े तो .... .मिशालऔर एक छोटीसी मुस्कान के लिए तो एक चर्चित कहानी बन जानती  व्हहा रे लड़की तेरी किस्मत तो अनकही बातो में ही सिमट जाती है  क्यों उसकी आवाज, रचना को हर वक़्त एक कटखरे से गुजरना पड़ता है सिर्फ "" क्यों "" ही उसकी पूरी ज़िन्दगी का एक सवाल बन जानता है  निधि ( सिर्फ एक कोशिश बदलाव की, सोच की...)  

आओ यारो आज कुछ ........

आओ यारो कुछ उल्टा करते है इन सफेदी के कागजो पर  अपनी प्रतिभा को  एक नया रंग देकर देखते है  आओ यारो कुछ उल्टा करते है.......... फूलो से  उनकी खुशबू की   हर कोई बात करता है चलो आज काटो से उनकी दर्द की बात करते है इस वक़्त को तो  हर कोई चुराना चाहता है वक़्त की इस शाख से आज  लम्हों को चुरा कर देखते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है.......... इन तूफानों की बरसात तो हर कोई देखता है चलो आज प्यार के बादल बना कर देखते है आज अपने दुश्मनों को जी कर दिखाते है इस उदासी के पेड़ में प्यार का पानी डाल कर देखते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है..... इस प्यार में चाँद तारो से बात हर कोई करता है चलो आज पूरे आसमा से बात की जाये प्यार की दास्ता को हर रोज़ अपने दोस्तों में गुनगुनाते है चलो आज उस दोस्ती का फीडबैक तो  लिया जाये आओ यारो कुछ उल्टा करते है हर किसी को याद है शीला की जवानी मुनी की बदनामी पर याद नही तो कितो की जेब गर्म है, और कितो के हाथ में तख्ती चलो आज उनको अपनी उगलियों पर याद करते है आओ यारो कुछ उल्टा करते है उड़ान भरते इन कदमो को जमी पर ला द...

बहरूपिया शहर में अपनी ज़िन्दगी ......

Image
न जाने क्या चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। जब भी कोई कदम बढ़ाया है ज़हन में एक सवाल छोड़कर उसका जवाब चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। मेरी हर चाहत को तोड़ा है इसने मेरा एक हमदर्द बनकर उसके बदले मेरे आंसू चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। जब भी मैं सोचती हूँ इसके बारे में तो दिल से यही दुआ निकली है मिल जाए इसे जो ये चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी। यू न रूठो मुझसे मेरी ज़िन्दगी एक बार तो पूछो मुझसे मेरा इंसानी सफ़र  कैसे इस बहरूपिये शहर में जी रही हू मैं.... अपनी तस्वीर बनाने में जुटे है.... सब यहाँ पर जैसा जो चाहता है वैसे बनती है कहा..... ना जाने क्या चाहती है मुझसे ये ज़िन्दगी क्यों इस बहरूपिया शहर में बसी है मेरी ज़िन्दगी निधि ...

पहला प्यार.....और मामला गडबड....:)

जब किसी का संग अच्छा लगने लगे जब किसी का इंतज़ार घंटों होने लगे ......!! तो समझ जाओ – मामला गड़बड़ है  जब दिल बहाने बना बना करखुद को ही छलने लगे जब सांस किसी को देख, थमने लगे  किसी को देख नजरें बस उसी की होने लगे तो समझ जाओ – मामला गड़बड़ है I जब किसी की हाँ में हाँ मिलाने को दिल करने लगे किसी को बस यूँ ही देखते रहने का मन करने लगे तो समझ जाओ – भाई मामला पक्का गड़बड़ है I जब बंद आंखों में उसी का ही ख्याल चलने लगे अजनबी सा कोई दिल पर बार-बार दस्तख देने लगे। रात को बार-बार चांद देखकर मुस्कुराने का मन करें तो समझ जाओ मामला गड़बड़ है जब उस अनजान शख्स को देखने के लिए घंटों आईने के सामने चुप-चुप कर हंसने को मन करें तो गुरू मामला गड़बड़ नहीं बहुत गड़बड...है। निधि .....

मेरी पहली शुरुवात.....

मेरी पहली शुरुवात......!! मेरी अपने आप से मुलाकात "कौन हू मैं " मेरा अपने आप से सवाल .......मेरी पहली शुरुवात मेरे बचपन का हर पल बीता मेरे टूटे खिलोनो के साथ मेरी हर रात गुजरी मेरी लापता खुशियों के साथ  आज भी मेरी यादो में धुधला है, मेरी शिक्षा का  वो पहला दिन, जब मैंने अपने पापा का हाथ पकड़ा हो मेरी पहली शुरुवात .......!! उम्र के दूसरे पड़ाव में आना तो सिर्फ एक बहाना था, मुझे उन उदासी के पलों को  शायद एक बार फिर से जीना था ......!! किन- किन शब्दकोश से लाओ वो शब्द जिन ने मेरी नजरो को  बदल दिया मेरी पहली शुरुवात को .........आखरी पड़ाव पर ले लाया ......!! मेरी पहली शुरुवात .......!! मेरे शब्दों को  एक किताब की जरुरत है, मेरी इन खाली आखो में एक ख़वाब की जरुरत है. और मुझे मेरी पहली शुरुवात की ..................!! निधि..... http://nidhis120.blogspot.in